बहराइच 20 सितम्बर। रिमोट सेन्सिंग एप्लीकेशन्स सेन्टर, उत्तर प्रदेश, लखनऊ (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी) विभाग द्वारा मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द चैहान की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें रिमोट सेन्सिंग एप्लीकेशन्स सेन्टर के परियोजना वैज्ञानिक डाॅ. जय कुमार मिश्रा द्वारा रिमोट सेन्सिंग एप्लीकेशन्स सेन्टर में एन.आर.आई.एस. परियोजना में रिमोट सेन्सिंग एवं जी.आई.एस. तकनीक का उपयोग करके जनपदवार तैयार किये गये डिजिटल डाटाबेस का प्रस्तुतिकरण करते हुए रिमोट सेन्सिंग जी.आई.एस. एवं जी.पी.एस. तकनीक के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी।
कार्यशाला में मौजूद परियोजना वैज्ञानिकों द्वारा बताया गया कि इस तकनीक का उपयोग कृषि, राजस्व, भूमि एवं जल संचय, प्राकृतिक आपदा, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, सिंचाई, जल निगम, नलकूप, सड़क, वन इत्यादि विभागों में किया जाता है। इस सम्बन्ध में भुवन पोर्टल के माध्यम से भी अन्य जानकारी प्राप्त की जा सकती है। उक्त के अतिरिक्त लिडार तकनीक के बारे में भी जानकारी दी गई। नेशनल सेन्टर आॅफ जियोइन्फारमेटिक्स (एन.सी.ओ.जी.) वेब पोर्टल के माध्यम से विभिन्न विभागों के डाटाबेस के बारे में भी जानकारी दी गई। कार्यशाला में बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी शोभनाथ वर्मा, उप जिलाधिकारी सदर राम चन्द्र यादव सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
सीडीओ की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई रिमोट सेन्सिंग एप्लीकेशन्स कार्यशाला